कौन जीतेगा ये जंग Google या CHATGPT

चैट जीपीटी ने गूगल और उसके सीईओ सुंदर पिचाई कि होश उड़ा रखी है। कंटेंट डिजाइनर, ग्राफिक डिजाइनर की लॉयर की कोटर की सब की नौकरी खाएगा ये तेरा चैट जीपीटी इस समय सिलिकॉन वैली की सबसे हॉट टेक्नोलॉजी है । लेकिन यह चैट जीपीटी है क्या किसने बनाया करता क्या है। क्या इससे गूगल का खत्म हो गया गूगल इसका बदला लेके सर्वनाश कर देगा आईटी वर्ल्ड की दो दिग्गज कंपनियां म माइक्रोसॉफ्ट और गूगल के बीच में के बीच घमासान चीड़ गई इस घमासान का मायना आम आदमी के लिए एक व्यापारी के लिए एक जॉब करने वाले व्यक्ति के लिए आखिर हैं क्या कौन सी बिजनेस सरवाइव करेगी कौन से बिजनेस बर्बाद हो जाएगी यह जोब जो आप कर रहे हैं यह बनी रहेगी या बंद हो जाएगी हमारा और हमारे आने वाले बच्चे जो लाखों रुपए की फीस लगाकर इतने बड़े-बड़े कॉलेज में डिग्रियां ले रहे हैं इनका होगा तो होगा तो होगा क्या खेल चल रहा है ।और इसका आम आदमी पर क्या फर्क पड़ेगा आइए जानते हैं।

सबसे पहले बात करते हैं चैट जीपीटी क्या चैट गुप्त का फुल फॉर्म (जेनरेटिव प्री ट्रेंड ट्रांसफार्मर) यह आईटी की दुनिया की सबसे लेटेस्ट और क्रांतिकारी टेक्नोलॉजी में क्रांतिकारी क्या है इसमें क्रांतिकारी क्या है यह जेनरेटिव आज तक जो भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस थी उसका काम क्या था कि जो भी घटना घट चुकी है जो भी टेक्स्ट में लिखा है किताब में लिखा है ब्लॉक में लिखा है रिसर्च में लिखा है पेपर में लिखा है जो भी इंटरनेट पर है उसको एनालिसिस करके उसमें से कुछ निकाल करके देती थी वह ढूंढ के निकाल कर देती थी अपना खुद का कुछ नहीं बनाते थे चैट जीपीटी ऐसी क्रांतिकारी टेक्नोलॉजी जो खुद ढूंढ के एनालिसिस करके मैं नहीं दे रहा मैं इनके बेस पर खुद का नया कंटेंट बना हैं।

पहले की एआई क्या करते थी?

जो जो घटना घट गई जैसे मैं बोलूंगा की मुझे शायरी लिख के दो पहले की ए आई क्या करती थीं उसमें से कुछ छाट के निकाल कर लाएगा

आब की जो चैट जीपीटी!

ए आई की बेसिस पर खुद का नया कंटेंट बना रहे हैं एग्जाम कर देगा यह कोड लिख देगा यह ग्रामर ठीक कर देगा यह लीगल एडवाइस दे दे यह फाइनेंसियल एडवाइस दे दे यह पॉलिटिकल एडवाइस दे दे यह आपके सवाल का जवाब देगा अपने कुछ सवाल बना कर देगा अपनी गलतियां भी मान लेता है 1 मिलियन का आंकड़ा पार करने में 5 दिन लगे थे 10 लाख 5 दिन में हो गए तो क्या हुआ नेटफ्लिक्स को 3 साल 30 दिन लगे थे एयरबीएनबी को ढाई साल लगे थे फेसबुक को 10 महीने लगे थे स्पॉटिफाई को 5 महीने लगे थे इंस्टाग्राम को ढाई महीने लगे थे 5 दिन में करके दिखाएं जी अलग-अलग आप बोलोगे यार अच्छा नहीं लगा तो उसे मैसेज पर उसको रिवर्स करके देगा अपनी गलतियां भी मान लेता है भाई साहब इस तरह से पता लगा लो की चैट जीपीटी को 1 मिलियन का आंकड़ा पार करने में 5 दिन लग 5 दिन में करके दिखाएं स्टेट बोर्ड की ड्यूटी क्या है यह ड्यूरिंग टेस्ट पास कर चुका है कन्वर्सेशन 2015 में एक व्यक्ति ने सेम अल्टमैन ने इसे बनाया था और उसके साथ एक को फाउंडर और था उसका नाम चेक बॉक्स में फिलहाल ट्विटर संभालता है । इसका नाम एलान मस्क इसकी स्थापना 2015 में हुआ था।

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