Maldives boycot । India vs Maldives । मालदीव ने किया भारत से लड़ाई। जानिए क्या है सच्चाई

कई साल से चली आ रहे भारत और मालदीव की दोस्ती को मालदीव क्यों दुश्मनी में बदलने की कोशिश कर रहा है।

भारत और मालदीव का दोस्ती

मालदीव्स को 1976 में अंग्रेजों से आजादी मिली थी तब मालदीव को बहुत ही काम देश जानते थे और कोई मालदीव्स से जुड़े नहीं थे। तब भारत एकमात्र ऐसा देश था जो मालदीव्स के साथ दोस्ती का हाथ बढ़ाया और भारत और मालदीव दोनों साथ में मिलकर रहेंगे ऐसा कहा गया। एक सच्चा और अच्छा दोस्त बहुत ही पुराने समय से मालदीव के साथ रही है। जब मालदीव को कोई नहीं पूछता था तो एक अपना देश भारत साथ रहा।

मालदीव्स के पहले वाले राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद और मोदी जी के काफी अच्छे दोस्त थे। इब्राहिम मोहम्मद बड़ी अच्छी तरह से जानते थे की दोस्ती कैसे निभाई जाती है और भारत मालदीव को कितना लेवल तक सपोर्ट कर सकता है इसका अंदाजा इब्राहिम मोहम्मद को था इसलिए वह बहुत ही अच्छे से दोस्ती निभाते थे। और उन्हें भारत के रिश्ते की सच्ची वैल्यू पता थी। जब मालदीव में साल 2014 water treatment plant मैं जब आग लगी थी तब एक बहुत बड़ी वॉटर क्राइसिस हो गई थी उसके तुरंत बाद इंडिया ने मालदीव के लिए project neer लॉन्च किया 12000 टन से भी ज्यादा पानी वहां पर पहुंचा। एक सच्चे और अच्छे दोस्त की तरह वहां पर water crisis खत्म करने में मदद किया। इंडिया ने पास्ट में मालदीव को कई मिलेट्री हेलिकॉप्टर गिफ्ट में दिए हैं। महादेव में कोई बाहर से हमला न कर दे इसलिए इंडिया ने अपना एक रेडर मालदीव को दिया था। भारत हमेशा मालदीव्स का साथ देते आया है।

मालदीव भारत से क्यों लड़ाई करना चाह रहा है

जब तक मालदीव में पहले वाले राष्ट्रपति इब्राहिम मुहम्मद थे तब तक काफी अच्छा चल रहा था लेकिन मालदीव में एक नए राष्ट्रपति आए उसका नाम है mohamed muizzu । और कहा जाता है कि यह इलेक्शन जीते हैं इसलिए हैं क्योंकि उन्होंने india out करने को कहा था कि हम इंडिया को मालदीव से आउट करेंगे बाहर निकलेंगे। यानी कि इंडिया के कुछ मिलट्री मालदीव में है उन्हें वह निकालने की बात कर रहे हैं जी हां कुछ मिलिट्री मालदीव में भी हैं जो कि मालदीव के सैनिकों को ट्रेनिंग ट्रेन करते हैं और कुछ जरूरत पड़े मालदीव को तो उनका मत करने के लिए वहां पर भारत के मिलिट्री मौजूद हैं। जैसे पिछले बार वॉटर टैंक विस्फोट हुआ या फिर कुछ और ही घटना हो जाए या फिर किसी चीज का ट्रांसफर करने में जरूरत पड़े इसलिए वहां पर भारत की मिलिट्री वहां पर है और यह दोनों देशों का एग्रीमेंट साइन होने के बाद ही ऐसा हुआ है। मालदीव में भारत के सिर्फ 70 मिलिट्री मौजूद हैं और मालदीव के 11000 से भी ज्यादा मिलिट्री हैं मालदीव में मौजूद। सिर्फ 77 लोग हैं वहां पर मालदीव में उन्हें हटाने के लिए वहां के राष्ट्रपति कहा।

क्यों भारत के मिलिट्री को हटाने के लिए वहां के राष्ट्रपति ने कहीं।

वहां के राष्ट्रपति को लगता है कि धीरे-धीरे भारत मालदीप में कब्जा कर ले गा अपने लोगों को भेज कर यहां पर। और सबों को गुलाम बना लेगा ऐसी बात बातों को वहां के राष्ट्रपति ने फैलाया और आउट इंडिया का नारा लगाया। और जबकि पेस्ट में वहां पर कोई भी राष्ट्रपति बनता था तो वह सबसे पहले भारत आता था और प्रधानमंत्री से मिलता था और दोस्ती को बरकरार करता था लेकिन ऐसा इस बार नहीं हुआ। और वहां और मालदीव का राष्ट्रपति इलेक्शन जीते ही सबसे पहले भारत के बजाय तुर्की गया ।

मालदीव के कुछ गवर्नमेंट ने प्रधानमंत्री मोदी जी के पोस्ट पर अपमानजनक कमेंट किया।

प्रधानमंत्री जी ने सोशल सोशल मीडिया पर अपना फोटो पोस्ट करते हुए कहा कि अपने भारत में लक्षद्वीप पर भी कभी आओ घूमने। वहां पर इंजॉय करते हुए नजर आए। और यह सिर्फ उन्होंने अपने भारत के द्वीप को प्रमोट करने के लिए कहा था। वहां के गवर्नर गवर्नर ने मोदी जी को जोकर कहा और भारत को गंदा देश कहा गया और मालदीप की तरह वहां पर सर्विस से नहीं मिल सकती ऐसा उन्होंने कहा। वहां के गवर्नर ने हमारे भारत के प्रधानमंत्री को कोई रिस्पेक्ट नहीं दिया।

सलमान खान ने ट्वीट करते हुए कहा

सलमान खान ने अपने ट्विटर पर ट्वीट करते हुए कहा कि लक्षद्वीप पर भी कभी जाओ घूमने और आपको कहीं बाहर घूमने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

मोहम्मद शमी ने ट्वीट करते हुए कहा।

मोहम्मद शमी ने भी कहा कि भारत के द्वीपों को भी महत्व देना चाहिए क्योंकि भारत के भी पास बहुत सारे द्वीप हैं।

अक्षय कुमार ने भी ट्वीट किय, अमिताभ बच्चन, कंगना रानौत, जॉन अब्राहम , वरुण धवन , श्रद्धा कपूर, और साभियों ने भारत के द्वीपों को visit

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