मोदी जी करेंगे परीक्षा पर चर्चा 2024 लाइव: खुद से प्रतिस्पर्धा करे दूसरों से नहीं, पीएम मोदी ने कहा चाबी छीनना

परीक्षा पर चर्चा परीक्षा संबंधित तनाव पर चर्चा करने और उसे दूर करने के लिए पीएम मोदी द्वारा शुरू की गई एक पल है। उन्होंने भारत मंडपाम में एक प्रदर्शनी का निरीक्षण किया और छात्रों से बातचीत की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा पर चर्चा के सातवें संस्करण को संबोधित किया (एएनआई)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को दिल्ली के भारत मंडपम में पैसा पर चर्चा के सातवें संस्करण में भाग लिया और माता-पिता को अपने बच्चों के रिपोर्ट कार्ड को अपना विजिटिंग करना मानने की सलाह दी। उन्होंने सुझाव दिया कि छात्रों को दूसरे से नहीं बल्कि खुद से प्रतिस्पर्धा करनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने भारत मंडपम में एक प्रदर्शनी कभी निषेचन किया अरुण छात्रों के साथ बातचीत की जिन्होंने आज अपने तकनीकी नवाचारों का प्रदर्शन किया। पीएम मोदी ने सातवीं को संबोधित करते हुए कहा यह कार्यक्रम मेरे लिए भी एक परीक्षा की तरह है दबाव इतना नहीं होना चाहिए कि इसका असर किसी की क्षमताओ पर पड़े हमें चरम सीमा तक नहीं खींचना चाहिए बल्कि किसी भी प्रक्रिया में धीरे-धीरे विकास होना चाहिए परीक्षा पर चर्चा संस्करण इस कार्यक्रम में केंद्र शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद थे मैं पीएम मोदी का स्वागत करता हूं। हमें 2047 तक भारत को विकसित भारत बनाना है और यह आपके पीएम मोदी नेतृत्व में किया जाएगा आज परीक्षा पर चर्चा ने एक जन आंदोलन का रूप ले लिया है।

परीक्षा पर चर्चा अपनी खुद की चाभी बने दूसरों की नहीं:

1:- समय-समय पर माता-पिता शिक्षकों या रिश्तेदारों की नकरआत्मक तुलना करने वाली रनिंग कमेंट्री एक छात्रा के मानसिक कल्याण के लिए हानिकारक है यह अच्छे से अधिक नुकसान करती है हमें उचित और हार्दिक बातचीत के माध्यम से इस मुद्दे को संबोधित करना सुनिश्चित करना चाहिए छात्रों को शत्रुतापूर्ण तुलनाओं और बातों के माध्यम से अपना मनोबल और आत्मविश्वास कम करने की बजाय।

2:- शिक्षकों और छात्रों के बीच का रिश्ता ऐसा होना चाहिए कि छात्र इस विषय संबंधी बंधन से परे कुछ महसूस करें यह बंधन गर होना चाहिए या रिश्ता ऐसा होना चाहिए की छात्रा अपने तनाव समस्याओं और असुरक्षाओं पर खुलकर चर्चा कर सके उनके शिक्षक।

3: जिस तरह मोबाइल को कम करने के लिए चार्जिंग की जरूरत होती है इस तरह शरीर को रिचार्ज रखना बहुत जरूरी है क्योंकि स्वस्थ दिमाग के लिए शरीर का स्वस्थ रहना बहुत जरूरी है इसके लिए भरपूर नींद लेना भी बहुत जरूरी है।

4:- जितना अधिक आप अभ्यास करेंगे आप उतना ही अधिक आत्मविश्वास बनेंगे। पानी कितना भी गहरा क्यों ना हो जो तैरना जानता हो वह तैर जाएगा। उसी तरह प्रश्न पत्र कितना भी कठिन क्यों ना हो यदि आपके पास अच्छा अभ्यास करें आप अच्छा प्रदर्शन करेंगे। आपके आसपास कौन क्या कर रहा है इस पर ध्यान देना बंद करें अपना ध्यान खुद पर केंद्रित रखें। आप क्या करते हैं आप क्या अभ्यास करते हैं यही आपका भविष्य तय करेगा।

5:- कभी-कभी बच्चे अपने ऊपर दबाव ले लेते हैं कि वह अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं मेरा सुझाव है कि आपको तैयारी के दौरान छोटे-छोटे लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए और धीरे-धीरे अपने प्रदर्शन में सुधार करना चाहिए इस तरह आप परीक्षा से पहले पूरी तरह से तैयार हो जाएंगे।

6:- भ्रम चाहे किसी भी रूप में हो बुरा है अनिर्णय की स्थिति और भी बत्तर है। हमें चीजों के विवरण का अच्छी तरह से विश्लेषण करने के लिए पर्याप्त अदृष्टिपूर्ण होना चाहिए, और हमारे दिमाग से भ्रम को बाहर निकालने के लिए पर्याप्त निर्णयक होना चाहिए।

7:- सिर्फ मोबाइल ही नहीं किसी भी चीजों की अति किसी का भला नहीं करती हर चीज का एक मानक होना चाहिए उसका एक आधार होता है किसी भी चीज की कितनी मात्रा होनी चाहिए इसका विवेक होना बहुत जरूरी है। इस्तेमाल किया हमें टेक्नोलॉजी से भागना नहीं चाहिए बल्कि इसका सकारात्मक इस्तेमाल करना चाहिए।

8:- मैं सभी माता-पिता से आगरा करता हूं कि वह अपने बच्चों के बीच कभी भी प्रतिस्पर्धा के बीज ना बोए बल्कि एक दूसरे के लिए प्रेरणा बने।

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