लालकृष्ण आडवाणी को मिला भारत रत्न

लालकृष्ण आडवाणी को मिला भारत रतन पीएम मोदी ने कहा मेरे लिए बहुत भावुक क्षण है पीएम मोदी ने दिग्गज के सम्मान के साथ घोषणा करते हुए कहा की भारत के विकास में लालकृष्ण आडवाणी की भूमिका स्मार्किया है।

नई दिल्ली:

1990 के दशक की शुरुआत में अयोध्या के राम मंदिर के लिए अपनी रथ यात्रा से पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाले भाजपा के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी को भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न से सम्मानित किया गया।

हमारे समय के सबसे सम्मानित राजनेताओं में से एक भारत के विकास में उनका योगदान अविस्मरणीय है। उनका जीवन जमीनी स्तर पर काम करने से शुरू होकर हमारे उप प्रधानमंत्री के रूप में देश की सेवा करने तक का है उन्होंने हमारे गृह मंत्री के रूप में खुद को प्रतिष्ठित किया और सूचना एवं प्रसारण मंत्री भी उनके संसदीय हस्तक्षेप हमेशा अनुकरणीय और समृद्ध अंतर्दृष्टि से भरे रहे है उन्होंने कहा सार्वजनिक जीवन में आडवाणी जी की दसको को लंबी सेवा को प्रदर्शित और अखंडता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता द्वारा चिन्हित किया गया, जिसने राजनीतिक नैतिकता में एक अनुकरणीय मानक स्थापित किया है उन्होंने राष्ट्रीय एकता और संस्कृति पूर्ण उत्थान को आगे बढ़ाने की दिशा में आदित्य प्रयास किया है भारत रत्न से सम्मानित किया जाने वह मेरे लिए बहुत छड हैं मैं इसे हमेशा अपना सौभाग्य मानूंगा कि मुझे उनके साथ बातचीत करने और उनसे सीखने के अनगिनत अवसर मिले उन्होंने कहा।

कौन है लालकृष्ण आडवाणी?

लालकृष्ण आडवाणी कराची में विभाजन के बाद भारत आ गए हैं। वह मुंबई में बस गए वह 1947 में 14 साल की उम्र में आरएसएस में जुड़ गए थे। 1991 में भारतीय जन संघ के सदस्य बन गए हैं जिसकी स्थापना भाजपा आइकॉन श्याम प्रसाद मुखर्जी ने की थी जनसंघ भाजपा का राजनीतिक अग्रदूत था। आडवाणी 1997 पहली बार राज्यसभा के सदस्य बने उन्होंने 1989 तक चार राज्यसभा कार्यकाल पूरे किए हैं आम चुनाव में जनता पार्टी की जीत के बाद वह पहली बार 1977 में सूचना और प्रसारण मंत्री और राज्यसभा में सदन के नेता बने थे वह भाजपा के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं वह तीन बार पार्टी के अध्यक्ष रहे हैं 1989 में वह पहली बार लोकसभा सदस्य बने जब 1999 में अटल बिहारी वाजपेई की सरकार बनी तो आडवाणी ने गृह मंत्री और उप प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया 2015 में लालकृष्ण आडवाणी को पूरे भारत के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद विभूषण से सम्मानित किया गया था।

बीजेपी के उत्थान में लालकृष्ण आडवाणी की भूमिका क्या रही?

1990 में लालकृष्ण आडवाणी ने अयोध्या में राम मंदिर की भाजपा की मांग को लेकर राम रथ यात्रा शुरू की या यात्रा गुजरात के सोमनाथ से शुरू होकर अयोध्या पहुंची उनकी रथ यात्रा को जन समर्थन मिला 1991 के आम चुनाव में राष्ट्रीय राजनीति में मामूली भूमिका निभाने वाली भाजपा संसद में कांग्रेस के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई।

लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न दिए जाने पर राजनेताओं की क्या प्रतिक्रिया रही?

हम सभी ने लालकृष्ण आडवाणी को हार्दिक बधाई दी उनके नेतृत्व में राज्य और देश भर में जिस तरह का काम हुआ है उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान देश को नहीं ऊंचाइयों पर पहुंचा मैं पीएम का भी आभार व्यक्त करता हूं उनके लिए भारत रत्न की घोषणा करने के लिए उन्होंने एएनआई को बताया। हालांकि कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने दावा किया कि भाजपा ने उनके साथ दिव्या व्यवहार किया उन्हें नमस्कार बीजेपी और पीएम मोदी ने लाल कृष्ण आडवाणी के बारे में बहुत देर से सोच वह उनकी पार्टी के कदवार नेता रहे हैं आज बीजेपी जिस स्थिति में है उसकी न्यू लालकृष्ण आडवाणी ने ही रखी थी जिस तरह से भाजपा ने उनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया लेकिन अब जब उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया जा रहा है तो उन्हें शुभकामनाएं बिआरएस एमएलसी के कविता ने कहा कि लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न देने के साथ ही भाजपा का एजेंडा पूरा होता दिख रहा है उन्होंने कहा लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न से सम्मानित किए जाने पर बहुत-बहुत बधाई या अच्छा है कि राम मंदिर भी बना और लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न से सम्मानित किया गया बीजेपी का एजेंडा पूरा होता दिख रहा है।

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