विश्व Hindi diwas क्यों मनाया जाता है आई जानते हैं इसका इतिहास

Vishwa Hindi Diwas 2024: हिंदी भारत में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। भारत के अलावा दुनिया के कई अन्य देशों में हिंदी भाषी लोग हैं, जो कम्युनिकेशन से लेकर अन्य जरूरतों के लिए हिंदी का प्रयोग करते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि विश्व दिवस को मनाएं जाने का उद्देश्य क्या है?

Vishwa Hindi Diwas 2024: हिंदी उन भाषाओं में से एक है जो भारत के उत्तरी भाग और दुनिया भर में व्यापक रूप से बोली जाती है। मंदारिन और अंग्रेजी के बाद देखा जाए तो हिंदी दुनिया में तीसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। भारतीय साहित्य में हिंदी का योगदान उल्लेखनीय है। ऐसे में आइए जानते हैं कि विश्व हिंदी दिवस या विश्व हिंदी दिवस 10 जनवरी को मनाया जाता है?

विश्व हिंदी दिवस हर साल 10 जनवरी को मनाया जाता है यह दिन हिंदी भाषियों का योगदान का सामान करने का भाषा महत्व और लोगों को समझने के लिए ओर लोगों को इसका महत्व के बारे में बताने के लिए बनाया जाता है ऐसे में हम सभी लोगों को मिलकर के निर्धारित तिथि पर विश्व हिंदी दिवस मनाना चाहिए ताकि हमारे आने वाले युवा पूरी को इसके बारे में पाता चले

विश्व हिंदी दिवस का इतिहास

1949 ईस्वी में संयुक्त इतिहास के रास्त महासभा पहली बार हिन्दी बोली गई थी 2006 मैं देश के तत्कालीन प्रधान मंत्री . मनमोहन सिंह ने पहला विश्व हिंदी दिवस मनाया था। तभी से 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाने लगा ऐसे मैं आपको भी ये तिथि को याद रखना चाहिेए। यदि आप जागरूकता पैदा करना चाहते हैं और युवा पीढ़ी को भाषा के बारे में अधिक जानकारी देना चाहते हैं तो यह थिति को याद और मानना महत्वपूर्ण है

हिंदी दिवस का महत्व

हिन्दी को भारत सरकार की आधिकारिक भाषा माना जाता है। यह भारत संघ की आधिकारिक भाषाओं में से एक है। आप भाषा के महत्व को बढ़ावा देकर और लोगों को अपने भाषणों, प्रदर्शनों, संगीत और थिएटर में हिंदी को शामिल करने के लिए प्रेरित करके विश्व हिंदी दिवस मना सकते हैं। हिंदी भारत में एक महत्वपूर्ण भाषा है और हर किसी को इस भाषा के बारे में खुद को और अधिक शिक्षित करने का प्रयास करना चाहिए। विश्व के सांस्कृतिक और भाषाई पहलू में भी हिंदी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

आज 10 जनवरी को भारत समेत है पूरी दुनिया में विश्व हिंदी दिवस मनाया जा रहा है आज के दिन हर भारतीय हिंदी भाषियों का गर्भ की दीन है आज के दिन हिंदी दुनिया के ताकतवर भाषाओं में शामिल है बेसिक स्तर पर बढ़ावा देने के अलावा हिंदी को लेकर दुनिया भर में तमाम देशों में बसे हुए भारतीय एक सूत्र में बांधने के लिए विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर देश और दुनिया का प्रसार और प्रचार में कई तरह के कार्यक्रम और सम्मेलन होते हैं विश्व भर में पहले भारत के विदेश के विश्वविद्यालय की हिंदी शिक्षण पीठों में भारत के साथ प्रतियोगिताओं का योजना किया जाता है जिससे के हिंदी के बारे में व्यापक प्रचार प्रसार किया जा

आज दुनिया का ऐसा कोई कोना नहीं जहां भारतीय ना हो आज विश्व हिंदी दिवस है और यह दिन विदेश में बसे इन भारतीयों को एक सूत्र में बांधों का काम करता है कोई भी हिंदुस्तानी जहां भी हो दूसरे हिंदुस्तानी से हिंदी भाषा के जरिए ही अपने भावनाओं को अभियुक्त करता है अपनी दिल और मां की बात अगर किसी भाषा में सहजता से की जा सकी है तो हिंदी की है हिंदी केवल हमारी मातृभाषा ही नहीं अपितु यह राष्ट्रीय अस्मिता और गौरव की प्रतीक है भारत के साथ ही विदेशों में बसे भारतीयों को हिंदी भाषा ही एकजुट करती है इसलिए इस दिन का महत्व और भी बढ़ जाता है भाषा की मनुष्य के जीवन में अहम भूमिका है भाषा से ही देश ही नहीं बल्कि विदेशों के साथ संवाद स्थापित किया जा सकता है

साथियों साल 2006 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने दुनिया भर में हिंदी के प्रचार प्रसार के लिए और इसे बढ़ावा देने के लिए हर साल 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाने का ऐलान किया था इसके बाद से हर साल इस दिन को धूमधाम के साथ मनाया जाता है पहले विश्व हिंदी सम्मेलन का आयोजन 10 जनवरी 1975 को नागपुर में किया गया था भारत में ही नहीं फिलिपींस माय सन नेपाल सूरीनाम फिजी तिब्बती त्रिनी दादा और पाकिस्तान में भी हिंदी बोली जाती है

विश्व हिंदी दिवस की हर साल एक टीम भी रखी जाती है साल 2024 में हिंदी दिवस की थीम है हिंदी पारंपरिक और बुद्धि मात्रा को जोड़ना

आज हिंदी दुनिया की सबसे ताकतवर भाषाओं में शामिल है लेकिन आपको यह भी बता दे की हिंदी को हम हमारी राष्ट्रभाषा के दौर पर स्थापित क्यों नहीं कर पाए हिंदी आज भी हमारे राष्ट्रभाषा बल्कि राजभाषा है यानी राज्य के काम आज के इस्तेमाल की जाने वाली भाषा हिंदी को राजभाषा का दर्जा 14 सितंबर 1949 को मिला था लेकिन राष्ट्रभाषा को लेकर लंबी बहू से चली पर नतीजा कुछ नहीं निकला

साथियों विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर सभी भारतीयों को हिंदी को दुनिया के कोने-कोने में पहुंचने का संकल्प लेना चाहिए इसी की साथ में अपने भाषण का संबंध करता हूं धन्यवाद जय हिंद जय भारत

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